Mon, May 11, 2026 - Sun, May 17, 2026

साप्ताहिक राशिफल

राहु के बारहवें भाव में होने के कारण, इस सप्ताह आपको दूसरों की आलोचना में, अपना ज्यादातर समय और ऊर्जा बर्बाद करने से बचना होगा। क्योंकि इस बात को आपको समझने की इस समय सबसे अधिक ज़रूरत रहने वाली है कि, इसका बुरा असर आपकी छवि के साथ-साथ आपके स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। इसलिए सकारात्मक सोचें और अपनी वाणी में भी मधुरता लेकर आएं। इस सप्ताह व्यापारी जातकों को ध्यान रखना होगा कि, जो उधारी के लिए आपके पास आएँ, उन्हें नज़रअंदाज़ ही करें। क्योंकि अगर आप उधारी करते रहेंगे तो, आपको कुछ ही समय में धन का अभाव होने लगेगा, जिससे आप कई अच्छे अवसरों का लाभ उठाने से वंचित रह सकते हैं। बृहस्पति के चौथे घर में होने की वजह से, यदि इस सप्ताह आपको कोई बड़ा निर्णय लेना है तो, किसी भी चीज़ को अंतिम रूप देने से पहले अपने परिवार की राय ज़रूर लें। क्योंकि संभव है कि महज़ आपका अपना फ़ैसला, कुछ दिक़्क़त खड़ी कर सकता है। ऐसे में बेहतर परिणाम पाने के लिए परिवार में तालमेल पैदा करें और घर के बड़ों के अनुभव का लाभ उठाते हुए, हर फैसले में उनकी सलाह लें। करियर और पेशे के लिहाज़ से, आपकी राशि के जातकों को इस सप्ताह अपने तनाव और जीवन में आ रहे हर उतार-चढ़ाव से निजात मिल सकेगी। क्योंकि ये समय आपके जीवन में कुछ ऐसे अच्छे बदलाव और अप्रत्याशित घटना लेकर आने वाला है, जिसका आप काफी समय से इंतज़ार कर रहे थे। यदि आपको अपनी परीक्षा के परिणाम का इंतजार था तो, इस सप्ताह आपका ये इंतज़ार खत्म हो सकता है। क्योंकि ये समय आपके लिए कोई शुभ समाचार लेकर आएगा, खासतौर से वो छात्र जो पढ़ाई के लिए अपने परिवार से दूर रहते हैं, उन्हें इस दौरान अपने माता-पिता से प्रोत्साहन मिलने के योग बनेंगे।

साप्ताहिक प्रेम राशिफल

इस सप्ताह प्रेम के लिहाज़ से कुछ जातकों का रोमांटिक जीवन में ऊर्जा, ताज़गी और आनंद की कमी आ सकती है। क्योंकि न चाहते हुए भी आप या आपका प्रेमी अपने कार्य में बेहतर व्यस्त होने के चलते, अपने रिश्ते को ज़रूरी समय देने में असमर्थ होगा। इस सप्ताह आप अपने जीवनसाथी को उनकी कमियाँ और नकामिया याद दिला सकते हैं, जिससे आपको उनके क्रोध का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में आपके लिए बेहतर होगा कि अभी किसी भी स्थिति में अपने जीवनसाथी से किसी भी बारे में शिकायत न करें। क्योंकि संभव है कि उनका मिज़ाज पहले से ही ख़राब हो, जिससे परिस्थितियां और बिगड़ सकती हैं।उपाय: प्रतिदिन 21 बार "ॐ बृं बृहस्पतये नमः" का जाप करें।